Blogs Book An Apppointment Nausea in Hindi – मतली क्या होती है और इसके कारण मतली एक ऐसी समस्या है जिसे लगभग हर व्यक्ति ने कभी न कभी महसूस किया होता है। यह कोई बीमारी नहीं बल्कि शरीर का एक संकेत होता है, जो बताता है कि शरीर के अंदर कुछ गड़बड़ चल रही है। कई बार पेट खराब होने, संक्रमण, ज्यादा यात्रा करने, तनाव या गर्भावस्था के कारण मतली महसूस हो सकती है। कुछ लोगों को मतली के साथ उल्टी भी होती है, जबकि कुछ लोगों को केवल बेचैनी और घबराहट जैसा अनुभव होता है। मतली की समस्या बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक किसी को भी हो सकती है। हालांकि महिलाओं में यह समस्या अधिक देखी जाती है, खासकर प्रेग्नेंसी के दौरान। यदि मतली बार-बार होने लगे या लंबे समय तक बनी रहे, तो यह किसी गंभीर स्वास्थ्य समस्या का संकेत भी हो सकता है। इसलिए इसके कारणों और लक्षणों को समझना जरूरी होता है। मतली (Nausea) क्या होती है? मतली एक ऐसी स्थिति होती है जिसमें व्यक्ति को ऐसा महसूस होता है कि उसे उल्टी आने वाली है। इस दौरान पेट में बेचैनी, भारीपन और घुमाव जैसा एहसास हो सकता है। कई बार व्यक्ति को कमजोरी, चक्कर और पसीना आने जैसी समस्याएं भी महसूस होती हैं। मतली अपने आप में बीमारी नहीं होती, बल्कि यह किसी अन्य शारीरिक समस्या या स्थिति का लक्षण होती है। कभी-कभी यह कुछ समय के लिए होती है और खुद ठीक हो जाती है, लेकिन अगर यह लगातार बनी रहे तो डॉक्टर से जांच करवाना जरूरी हो जाता है। मतली होने के मुख्य कारण मतली कई अलग-अलग कारणों से हो सकती है। कुछ कारण सामान्य होते हैं, जबकि कुछ स्वास्थ्य से जुड़ी गंभीर समस्याओं की ओर संकेत कर सकते हैं। पेट खराब होना पेट खराब होना मतली का सबसे सामान्य कारण माना जाता है। गलत खानपान, ज्यादा मसालेदार भोजन, बाहर का अस्वच्छ खाना या पाचन खराब होने के कारण पेट में गड़बड़ी हो सकती है। ऐसे में व्यक्ति को मतली, गैस, पेट दर्द और उल्टी जैसी समस्याएं हो सकती हैं। कई बार लंबे समय तक भूखे रहने या बहुत ज्यादा खाना खाने से भी पेट खराब हो जाता है, जिससे मतली महसूस होने लगती है। फूड पॉइज़निंग खराब या संक्रमित भोजन खाने से फूड पॉइज़निंग हो सकती है। इसमें बैक्टीरिया, वायरस या दूषित पदार्थ शरीर में पहुंच जाते हैं, जिससे मतली और उल्टी की समस्या शुरू हो जाती है। इसके साथ दस्त, पेट में मरोड़, बुखार और कमजोरी भी हो सकती है। फूड पॉइज़निंग होने पर शरीर खराब पदार्थों को बाहर निकालने की कोशिश करता है, इसलिए मतली और उल्टी होना आम बात है। गर्भावस्था के दौरान मतली प्रेग्नेंसी में मतली होना बहुत सामान्य माना जाता है। इसे मॉर्निंग सिकनेस भी कहा जाता है। गर्भावस्था के शुरुआती महीनों में हार्मोनल बदलाव तेजी से होते हैं, जिसकी वजह से महिलाओं को मतली और उल्टी महसूस हो सकती है। कुछ महिलाओं को केवल सुबह के समय मतली होती है, जबकि कुछ को दिनभर परेशानी महसूस हो सकती है। आमतौर पर यह समस्या कुछ महीनों बाद कम हो जाती है। मतली के सामान्य लक्षण मतली के दौरान शरीर में कई तरह के लक्षण दिखाई दे सकते हैं। व्यक्ति को लगातार बेचैनी महसूस हो सकती है और खाना खाने का मन नहीं करता। कई लोगों को मुंह में पानी आना, पेट में भारीपन और कमजोरी भी महसूस होती है। कुछ लोगों को मतली के साथ चक्कर आना, ठंडा पसीना आना और सिर भारी लगना जैसी समस्याएं भी हो सकती हैं। अगर मतली लंबे समय तक बनी रहे और व्यक्ति को पानी भी न पचे, तो शरीर में डिहाइड्रेशन का खतरा बढ़ सकता है। महिलाओं में मतली की समस्या अधिक क्यों होती है? महिलाओं में मतली की समस्या पुरुषों की तुलना में अधिक देखी जाती है। इसके पीछे कई शारीरिक और हार्मोनल कारण होते हैं। महिलाओं के शरीर में समय-समय पर हार्मोनल बदलाव होते रहते हैं, जिनका असर पाचन और शरीर की अन्य प्रक्रियाओं पर पड़ता है। इसके अलावा प्रेग्नेंसी, पीरियड्स और माइग्रेन जैसी समस्याएं भी महिलाओं में मतली की संभावना बढ़ा देती हैं। हार्मोनल बदलाव महिलाओं के शरीर में एस्ट्रोजन और प्रोजेस्टेरोन जैसे हार्मोन लगातार बदलते रहते हैं। इन हार्मोनल बदलावों के कारण कई बार पेट में असहजता और मतली महसूस हो सकती है। पीरियड्स के दौरान भी कुछ महिलाओं को मतली, पेट दर्द और कमजोरी जैसी समस्याएं होती हैं। हार्मोनल असंतुलन का असर शरीर की पाचन क्रिया पर भी पड़ता है। प्रेग्नेंसी और मॉर्निंग सिकनेस गर्भावस्था के दौरान शरीर में कई बदलाव होते हैं। इस समय महिला के शरीर में हार्मोन तेजी से बढ़ते हैं, जिससे मॉर्निंग सिकनेस की समस्या होती है। प्रेग्नेंसी के दौरान तेज गंध, कुछ खाद्य पदार्थ या खाली पेट रहने से मतली ज्यादा बढ़ सकती है। हालांकि यह सामान्य स्थिति होती है, लेकिन यदि उल्टियां बहुत ज्यादा होने लगें तो डॉक्टर से संपर्क करना जरूरी होता है। पुरुषों में मतली होने के कारण पुरुषों में मतली होने के पीछे कई कारण हो सकते हैं। पेट खराब होना, शराब का अधिक सेवन, धूम्रपान, तनाव और संक्रमण जैसी समस्याएं मतली पैदा कर सकती हैं। कुछ पुरुषों में एसिडिटी और गैस की समस्या के कारण भी बार-बार मतली महसूस होती है। इसके अलावा माइग्रेन, दवाइयों के साइड इफेक्ट और यात्रा के दौरान मोशन सिकनेस भी मतली का कारण बन सकते हैं। यदि पुरुषों में लगातार मतली बनी रहे और साथ में वजन कम होना, उल्टी या पेट दर्द जैसी समस्याएं हों, तो डॉक्टर से जांच करवाना जरूरी होता है। बच्चों में मतली के लक्षण बच्चे अक्सर अपनी परेशानी सही तरीके से बता नहीं पाते, इसलिए उनके लक्षणों को समझना जरूरी होता है। बच्चों में मतली होने पर वे खाना खाने से मना कर सकते हैं या बार-बार पेट दर्द की शिकायत कर सकते हैं। कुछ बच्चों को उल्टी, कमजोरी, चिड़चिड़ापन और सुस्ती भी महसूस हो सकती है। कई बार संक्रमण, पेट की गड़बड़ी या यात्रा के दौरान बच्चों को मतली होने लगती है। यदि बच्चा लगातार उल्टी कर रहा हो, पानी न पी पा रहा हो या बहुत कमजोर दिखाई दे रहा हो, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए। मतली की जांच कैसे